आदरणीय प्राचार्य जी, शिक्षकगण और मेरे प्यारे साथियों आज (15 अगस्त) स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर हम सभी यहाँ पर इकट्ठा हुए है और मुझे आप सभी के समक्ष स्वतंत्रता दिवस के इस शुभ अवसर पर अपने विचार रखने का मौका मिला है, यह मेरा सौभाग्य है। सबसे पहले आप सभी को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं। क्या आप जानते है इस वर्ष भारत का कौन-सा स्वतंत्रता दिवस मनाया जा रहा है ? इस वर्ष भारत का 76वां स्वतंत्रता दिवस मनाया जा रहा है। आज मैं स्वतंत्रता दिवस पर अपने कुछ विचार आपके सामने रखने जा रहा/रही हूँ। शुरुआत करते है कुछ लाइनों से –

जब आँख खुलें तो धरती हिन्दुस्तान की हो,
जब आँख बंद हो टी यादें हिन्दुस्तान की हों,
हम मर भी जाएँ टी कोई गम नहीं….
मरते वक्त मिटटी हिन्दुस्तान की हो।

हमारा भारत देश 200 वर्षों तक ब्रिटिश शासन के अधीन रहा। देश को आजाद कराने के लिए हमारे देश के बहुत से स्वतंत्रता सेनानिओं जैसे – बाल गंगाधर तिलक, लोक मान्य तिलक, पंडित जवाहरलाल नेहरू, माहत्मा गांधी, लाला लाजपत राय, खुदीराम बोस, सुभाष चंद्र बोस और मंगल पांडे आदि ने बलिदान दिए और अत्याचार सहते हुए भी वे देश को आजादी दिलाने के लिए सदैव तत्पर रहें। वर्ष 1857-1947 तक स्वतंत्रता संग्राम लड़ने के बाद और काफी अत्याचार सहने के बाद 15 अगस्त वर्ष 1947 को हमारा भारत देश ब्रिटिश शासन की बेड़ियों से मुक्त हुआ और सभी भारतवासियों ने आजादी की सांस ली। आज के स्वतंत्रता दिवस के इस शुभ अवसर पर मैं शहीद स्वतंत्रता सेनानियों के लिए कुछ शब्द कहना चाहुँगी/चाहुँगा।

फांसी चढ़ गए और सीने और गोली खाई,
हम उन शहीदों को प्रणाम करते है ,
जो मिट गए देश पर,
हम शहीदों को प्रणाम करते है।

प्रतिवर्ष 15 अगस्त को भारत देश के स्वतंत्रता दिवस के रूप में मानाया जाता है। इस दिन को भारत के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में लिखा गया है। हर साल देश प्रधानमंत्री लाल किले पर राष्ट्रीय ध्वज फहराते है जिसके बाद राष्ट्रीय गान गाय जाता है, सेना द्वारा परेड मार्च और शक्ति प्रदर्शन किया जाता है और साथ ही स्वतंत्रता सेनानियों को 21 तोपों की सलामी भी दी जाती है। देश के प्रधानमंत्री देश को सम्बोधित करते है। राष्ट्र ध्वज के सम्मान में कुछ लाइन कहना चाहुँगी/चाहुँगा।

दे सलामी इस तिरंगे को,
जिससे तेरी शान है,
सर हमेशा ऊँचा रखना इसका,
जब तक दिल में जान है !!

15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस के पर्व को सम्पूर्ण देश में बहुत ही जोश, उमंग और देशभक्ति भाव के साथ मनाया जाता है। स्कूल और कॉलिजों में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है जिसमे अधिकतर बच्चे भाग लेते है और अलग अलग पेशकश पेश करते है। कोई देशभक्ति गीत सुनाता है, कोई देशभक्ति से संबंधित कविता सुनाता है और कोई सांस्कृतिक गीतों पर नृत्य तैयार करते है। छात्र भगत सिंह महात्मा गांधी और अन्य क्रांतिकारी बनते है और नाटक पेश करते है। सभी दफ्तरों, कार्यालयों, संस्थानों आदि का सरकारी अवकाश रहता है।

हमने अंग्रेजों के शासन से आजादी ऐसे ही नहीं मिली है। इस आजादी को प्राप्त करने के लिए हमारे देश के बहुत से स्वतंत्रता सेनानियों ने बलिदान दिया है। हमें सभी शहीद स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदानों और याद रखते हुए अपने राष्ट्र का सम्मान करते हुए राष्ट्र के सम्मान को बनाये रखने का प्रण लेना चाहिए। आइये स्वतंत्रता दिवस के इस शुभ दिन पर हम सभी मिलकर राष्ट्र की एकता और अखंडता को बनाये रखने का प्रण लेते है। कुछ लाइनों के साथ अपनी बात को समाप्त करती/करता हूँ –

आजादी की कभी शाम नहीं होने देंगे,
शहीदों की कुर्बानी बदनाम नहीं होने देंगे,
बची हो जो एक बूँद भी गरम लहू की,
तब तक भारत माता का आँचल नीलाम नहीं होने देंगे।

जय हिन्द !…….. जय भारत !…..

मुकेश पाण्डेय

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